कस्तूरी एक परिचय
कस्तूरी अनंत दोनों अलग अलग है जब जीवन जी रहे थे अलग अलग थे। अब वो आत्मा है तो एक है। अनंत राम ने कस्तूरी का बहुत ही जल्दी साथ छोड़ दिया। कस्तूरी देवी एक अनपढ़ पर बहुत ही नेकदिल और बुद्धिमान औरत थी। लेकिन कस्तूरी एक कर्मठ महिला थी जिन्दगी को उस ने बहुत ही गंभीर तरीके से जिया। मैंने जिन्दगी में कभी हँसते हुए नहीं देखा । बस एक काम एक धुन की पक्की थी की अपने बच्चों को स्कूल में जरूर भेजना है। इसी की वजह से उस के सभी बच्चे पढ़ लिख गए। कस्तूरी देवी मेरी माँ और अनंत राम मेरे पिता थे। कस्तूरी देवी मेरी माँ थी मेरी जिंदगी पर उस की सोच का बहुत ही प्रभाव है। मेरे नाना जी का भी मेरी सोच पर प्रभाव है। आज भी यही सोचता हू की यदि मेरा दोबारा जन्म हो तो उसी की कोख़ से हो। मुझे आज भी लगता है की मेरी माँ आकाश से मुझे देख रही है। उसी का डर है की मैंने जिन्दगी में कोई भी गलत काम नहीं किया।